यात्रा - एक यायावर का सफर्
उसे जम्मू स्टेशन कहा जाय या फौजी छावनी, अंदर बाहर हर तरफ फौजी जवान फैले हुए थे, सुरक्षा और भय कितने रिलेटिव टर्म हो सकते हैं, आप ऐसी जगह पहुंचकर ही समझ सकते हैं. स्टेशन से नज़दीक ही मेरा होटल पहले से ही तय था, हम अपने कमरे में पहुंचे, बच्चे टी.वी. मे...
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बालकृष्ण अय्य्रर
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[26 Oct 2009 23:17 PM]



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