बिखरे सितारे ! ५) और दिन गुज़रते रहे...

BIKHARE SITARE जो जीवन अनगिनत घटनाओं से भरा हुआ हो...उन लम्हों को कैसे चुनूँ?? एक माला पिरोना चाहती हूँ, उनमे कौन से मोती शामिल करूँ..कौनसे छोड़ दूँ...? तूफानों की शुरुआत तो शायद उस नन्हीं जान के इस दुनिया में आने के पहलेही हो चुकी थी..अब तक तो वह अपनी माँ की बाहोँ... [पूरी पोस्ट]
writer kshama

क्षमा

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[12 Aug 2009 07:24 AM]

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