'बिखरे सितारे' ८) नन्हीं पूजा तथा उसका घर

BIKHARE SITARE पूजा तब छ: माह की थी। उसका घर..जो दादा दादी ने बनाया...अफ़सोस वो घर अब वैसा रहा ही नही...न वो बरामदा रहा ना वो रूप...आज जब पूजा उस वास्तू को देखती है ,तो ,अपने दादा दादी को बेहद याद करती है...उस बरामदे के बिना उसे वो घर पराया-सा लगता है...एक जर्जर हुआ... [पूरी पोस्ट]
writer kshama

यादें

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[25 Aug 2009 16:41 PM]

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