' बिखरे सितारे ' ११) जब रौनक़ बसा करती थी...!

BIKHARE SITARE अब वो बगीचे नहीं, वो बेले और पेड़ उखड गए...एक वीरानगी-सी छाई रहती है...बेआराम बन मकान गया तो,माँ पिताजी को वहाँ हटके अलगसे एक छोटा घर बनाना पड़ गया...खैर अभी इस बात तक पहुँचने में समय है..!... [पूरी पोस्ट]
writer kshama

पूजा

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[01 Sep 2009 03:42 AM]

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