तुम लिखो पापा...
पिछले 4-5 महीने से कुछ भी लिखने का वक्त नहीं मिला, हिम्मत भी नहीं थी...बिटिया ने इतनी ताकत दी कि फिर कम से कम कुछ तो लिखने का मन किया...लाइनें अब आपके सामने हैं- एक रोज शिवी हाथ में पेंसिल लेकर आई दूसरे हाथ में एक पैड भी था बोली- पापा लिखो, मैंने पैड...
[पूरी पोस्ट]
शिवेंद्र
27
2
0
2
4
[26 Oct 2009 11:58 AM]



Shuffle








