यह अक्तूबर का चमकदार उतार है

कवि कोकास आज 24 अक्तूबर है .. हवा में कल रात थोड़ी ठंडक महसूस की मैने .. खिड़की से हवा का एक झोंका आया और उसने कहा .याद है तुम्हे, तुम्हारे मित्र कुमार अम्बुज ने इन्ही  दिनों के लिये एक कविता लिखी थी ..‘ अक्तूबर का उतार ‘.. अरे हाँ ,मुझे याद आया , मैने रैक... [पूरी पोस्ट]
writer शरद कोकास
views
46
upvote
8
downvote
0
rating
8
comments
25
[24 Oct 2009 03:34 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix