क्यों धूप क्यों !

आर्जव धूप ! आजकल हर सांझ जाने से पहले तुम , इतनी गहरी पीली जर्द क्यों हो उठती हो ? क्यॊं पेड़ों के मटमैले हरे झुरमुट से रिसकर पीछे दीवार के पर्दे पर पड़ते तुम्हारे निर्वाक व निमीलित बिम्ब इतने घने, प्रगल्भ व प्रगाढ़ पीत हो जाते हैं कि अनिमेष उन्हें देखते देखत... [पूरी पोस्ट]
writer Aarjav
views
15
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
5
[23 Oct 2009 11:08 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix