संत कबीर वाणी-धर्म का मर्म कौन जानता है (kabir das ke dohe in hindi)

शब्दलेख सारथी कहै हिन्दु मोहि राम पिआरा, तुरक कहे रहिमाना। आपस में दोऊ लरि-लरि मुए, मरम न कोऊ जाना।। संत शिरोमणि कबीरदास अपने समय के धार्मिक विवादों की तरफ इशारा करते हुए कहते हैं कि एक तरफ भारतीय हैं जो कहते हैं कि हमें राम प्यारा है दूसरी तरफ तुर्क हैं जो कहते ह... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

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[22 Oct 2009 19:18 PM]

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