मुरली तेरा मुरलीधर 29

अखिलं मधुरम् मन सागर पर मनमोहन की उतरे मधु राका मधुकर प्राण अमा का सिहर उठे तम छू श्रीकृष्ण किरण निर्झर प्रियतम छवि की अमल विभा से हो तेरा तन मन बेसुध टेर रहा है भुवनसुन्दरी  मुरली   तेरा    मुरलीधर।।156।। प्राणेश्वर अभ्यंग सलिल की स... [पूरी पोस्ट]
writer हिमांशु । Himanshu
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[22 Oct 2009 05:20 AM]

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