रिश्ते यु भी बनते हैं

वीणापाणी कभी सोचा भी नहीं था की दूर कहीं झारखंड में मेरा कोई अपना होगा ,वो  जिसे मैंने अब तक देखा ही नहीं ,जिसका नाम भी आज से दो साल पहले तक मैंने नहीं सुना था .एक दिन अचानक  जैसे ईश्वर ने ही खुश होकर मेरे लिए किसी को भेजा हो, ऐसा ही प्यारा सा रिश्त... [पूरी पोस्ट]
writer डॉ.राधिका उमडे़कर बुधकर

संगीत-मनोरंजन

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[21 Oct 2009 08:21 AM]

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