महर्षि चरक एवं चरक संहिता-१३,दूध के प्रकार एवं उसके गुण

एक लोहार की गतांक से आगे................... अत: क्षिराणी वक्ष्यन्ते कर्म चैवां गुणाश्च ये अविक्षीरमजाक्षीरं गोक्षीरम माहिषम च यत.(११५) दूधों के गुण - अब दूधों का वर्णन किया जायेगा.उनके कार्य उपयोग एवं गुण कहे जायेंगे. दूध के प्रकार भेड़ का दूध बकरी का दूध गौ का... [पूरी पोस्ट]
writer ललित शर्मा
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[21 Oct 2009 07:48 AM]

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