नमक के बहाने
पुणे में वह मेरा आखिरी दिन था। लगभग पचास महीने वहां बिताने के बाद मैं मुंबई वापिस जा रहा था। जो दो एक दावतनामे थे, वे निपट चुके थे। मैं वहां अपने आखिरी दिनों में होटलों में ही खाना खा रहा था। बेशक सामान बाद में ले जाता, मैं अगली सुबह वापिस जा रहा था...
[पूरी पोस्ट]
कथाकार
प्रसंगवश
41
6
0
6
4
[21 Oct 2009 07:05 AM]



Shuffle








