मत छीनों मासूमों की हंसी
आनन्द राय, गोरखपुर. यह कहानी मटुकनाथ-जूली की है. यह कहानी चाँद और फिजा की है. यह कहानी आख़िरी छोर पर पड़े रहने वाले कुछ कमजोर और गरीबों की है. यह कहानी दुनिया और देश के हर गली-मुहल्ले के किसी कोने की है. यह कहानी अपने आपमें बेशुमार लोंगों के दिलो...
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आनन्द राय
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[21 Oct 2009 04:12 AM]



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