एक अरसे के बाद...

मेरा कुछ सामान... चाँद निकला है फिर , आज   अपनी   गली में , एक अरसे के   बाद ... ये दिल - ए - बर्बाद भी , देखो आबाद हुआ है , आज बरसों   के   बाद ... न सुना ऐसा कभी   पर , है   कमल रेत में खिला , तेरे आने के बाद ... आके फिर से न  ... [पूरी पोस्ट]
writer अम्बरीश अम्बुज
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[20 Oct 2009 11:11 AM]

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