लत, संगत, पंगत
चाहने वालों का आग्रह था, थोड़ा जल्दी-जल्दी लिखूं, कम समय अंतराल पर लिखूं। पर, देख लीजिए, इच्छा के बाद भी विलंब हुआ। क्यों हुआ, इस पर विचार करने बैठा तो जो तीन चीजें बातें छनकर आईं, उससे भविष्य को संवारने का ही सूत्र मिलता है। ये तीन चीजें हैं लत, संग...
[पूरी पोस्ट]
Kaushal
भविष्य की चिंताएं
41
9
0
9
1
[20 Oct 2009 08:34 AM]



Shuffle








