मां कहकर चीखते हुए..........

ख्वाब का दर आजकल अखबार की नौकरी में कई तरह के काम की अपेक्षा की जाती, कई तरह की फरमाइशें की जाती हैं. मदर्स डे पर फरमाईश की गई कि कृपया मदर्स डे के अवसर पर एक लेखनुमा विज्ञापन लिख दीजिए. सो यह लेखनुमा विज्ञापन लिखा और यह छपा था. रुई के फाहे जैसा नाजुक, कोमलता और... [पूरी पोस्ट]
writer Pankaj Parashar
views
13
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
1
[20 Oct 2009 06:39 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix