मां कहकर चीखते हुए..........
आजकल अखबार की नौकरी में कई तरह के काम की अपेक्षा की जाती, कई तरह की फरमाइशें की जाती हैं. मदर्स डे पर फरमाईश की गई कि कृपया मदर्स डे के अवसर पर एक लेखनुमा विज्ञापन लिख दीजिए. सो यह लेखनुमा विज्ञापन लिखा और यह छपा था. रुई के फाहे जैसा नाजुक, कोमलता और...
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Pankaj Parashar
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[20 Oct 2009 06:39 AM]



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