टैगोर, नारी मन और असम का संगम- नाटक 'मध्यबर्तिनी' में
रवींद्रनाथ टैगोर की नारी प्रधान कहानी हो तो दिल अपने आप भर आता है। और उस पर जब असम के लोक रंग का बाना हो, तो उसका असर दुगना होते देर नहीं लगती। नेहरु सेंटर थिएटर फेस्टिवल के आखिरी दिन दोपहर दो बजे मराठी नाटक “टेंग्शेच्या स्व्पनात ट्रेन” था और शाम सात...
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Vibha Rani
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[20 Oct 2009 01:26 AM]



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