ख़याल भी सच हो जाते हैं
दिवाली मनाना हमेशा आपके हाथ में ही होता है क् या ... कभी आप दिये लेकर बैठे रह जाते हैं और देहरी तक पहुंच नहीं पाते , कभी देहरी पर बैठे रात गुज़र जाती है और दिये ही राह भूल जाते हैं ... लेकिन नीयत नेक हो तो अंधेरा एक दिन भाग ही जाता है , कम से कम मु...
[पूरी पोस्ट]
शायदा
52
10
0
10
13
[19 Oct 2009 11:37 AM]



Shuffle








