टेंग्चे के सपनों में मुंबई की लोकल की नाट्य त्रासदी

chhammakchhallo kahis नेहरु सेंटर थिएटर फेस्टिवल का पांचवां मराठी नाटक था – समन्‍वय, पुणे का “टेंग्शेच्या स्वप्नात ट्रेन” यानी टेंचे के स्वप्‍न में ट्रेन, ट्रेन मुंबईकर के बदन में धड़कन की तरह समायी हुई है। यह ट्रेन जीवन है, धड़कन है, समय है, समय के साथ भागती दौडती ज़‍िंद... [पूरी पोस्ट]
writer Vibha Rani
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[19 Oct 2009 10:16 AM]

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