और वो वहम बताते रहे

कुनाल (सिफर) हम अलग सही आज के दौर मे... पर कैसे भूलूं मैं वो राहें... चलते थे साथ कदम, चलती थी साँसें ... बताओ क्या बदला है इस जिन्दगी मे.. पहले जगते थे तेरे प्यार मे.. अब बस इंतज़ार मैं कटती है रातें,,, मिल लेता था तुझसे तब रू-बा-रू, और अब तस्वीर से होती है बाते... [पूरी पोस्ट]
writer Kunaal
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[19 Oct 2009 09:17 AM]

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