किरण आहलुवालिया की आवाज़ में कुछ ग़ज़लें

ठुमरी कुछ ही दिन हुए कि एक पुराने गीत को याद करते हुए एक पोस्ट ठुमरी पर चढ़ाई थी, रचना अधूरी थी तो अपने मित्र पंकज ने पूरी रचना मेरे पास भेजी मैने उसे हूबहू चढ़ा दी ये सोचते हुए कि कम से कम वो रचना अंतर्जाल पर तो हमेशा रहेगी ही, खैर कुछ टिप्पणिया भी आईं उन... [पूरी पोस्ट]
writer vimal verma
views
29
upvote
3
downvote
0
rating
3
comments
5
[18 Oct 2009 14:49 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix