आत्मसम्मान
टिनडिनी गॅाव की एक और कहानी यह बताती है कि जाति प्रथा से कैसे लोग आपस में एक दूसरे को सह नहीं पाते है। समूह ने लोगों के मन से यह भावना दूर करने का प्रयास किया है। यह समझाया है कि अगर सब लोग मिल जुल कर काम करें तो हर काम आसान हो जाता है। छतरपुर के पास...
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sanjeev persai
सफलता की कहानी
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[17 Oct 2009 23:59 PM]



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