दीपावली

गुलमोहर का फूल मैं तम से भरा अज्ञानी मां एक दीप जला दो जीवन में मां मन के कपाट मेरे बन्द है मां मेरी राह प्रकाशित कर दो मां ।   एक ज्योति जला दो जीवन में फैला दो उजाला जीवन में है सघन अंधेरा जीवन में कुछ रंग भर दो इस जीवन में । खिले फूल कमल सा सबका जीवन महकें... [पूरी पोस्ट]
writer चंदन कुमार झा
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[17 Oct 2009 11:49 AM]

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