जितना संभव हो पथ आलोकित करें (दीवाली शुभकामनाएँ)

जीवन के पदचिन्ह जिस प्रकार दीपावली के असंख्य दीपो के अथक और निस्वार्थ श्रम से तिमिर प्रभावहीन हो जाता और अमावस की रात भी पूनम के तरह मधुर लगती हैं. उसी प्रकार आपका जीवन भी निस्वार्थ और अथक मानवीय श्रम से यश और कीर्ति की ज्योत्सना से आलोकित होकर अज्ञान और दारिद्रय के... [पूरी पोस्ट]
writer Sudhir (सुधीर)
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[17 Oct 2009 09:28 AM]

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