मुझे मां बेहन वाली गाली ना दो

शुऐब बस मे ट्रेन मे विमान मे या जहां कहीं भी कोई नया मिलजाए, स्लाम नमस्ते के बाद बात चीत शुरू होती है फिर नाम पूछते हैं तो जवाब मे बोलता हूं कि मेरा नाम शुऐब है तो वापस बोलते हैं - ओह आप मुसल्मान हो? मेरे दिल मे एक ही उत्तर ग़ुस्से मे निकलता है “तेर... [पूरी पोस्ट]
writer शुऐब

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[17 Oct 2009 02:40 AM]

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