फिर जल जाएगें दीपक..........

दिशाएं फिर जल जाएगें दीपक रात जरा गहरी होने दो। पहले आँखों के आँसु को पूरा तो मुझको पीने दो। बहुत लगन से देख रहा था सपनो का आकाश मैं गहरे सागर में भटक रहा था मोती की तलाश में मोती की चाहत में मुझसे कुछ ऐसा था छूट गया मेरे जीवन के सब रंगों को जैसे कोई लूट गय... [पूरी पोस्ट]
writer परमजीत बाली

परमजीत बाली

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[16 Oct 2009 20:57 PM]

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