इलाहाबाद की राष्ट्रीय ब्लॉगर गोष्ठी से पहले...
१) भाव हमारे शब्द उधार के... पाँच दिनों की ट्रेनिंग पूरी करके लखनऊ से इलाहाबाद लौटा हूँ। पत्नी और बच्चे बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे थे। दीपावली की छुट्टी मनाने मेरे दो भाई भी अपने-अपने हॉस्टेल से आ चुके थे। घर में एक जन्मदिन भी था। लेकिन मुझे इसकी खु...
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सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
अपनी बात
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[16 Oct 2009 19:39 PM]



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