-- शुभ दीपावली --

कुछ पन्ने मेरी दराज़ से.... रौशनी का पर्व है आया इस वर्ष फिर से. घर-घर, गली-कूचे रंगों से चमके हैं रौशनी से दमके हैं. गली-कूचे कुछ ऐसे भी हैं जो चमके हैं न दमके. आओ रौशनी का एक दिया उस अँधेरी चौखट पे रखदें. कुछ अँधेरी ज़िन्दगियों को इस पर्व पे रोशन करदें. -- शुभ दीपावली -- --नीर... [पूरी पोस्ट]
writer ●๋• नीर ஐ

My Poems

views
27
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
6
[16 Oct 2009 04:32 AM]

Free Vedic Astrology From Astrobix