लिखूं गजल इक तेरे नाम
राजेश त्रिपाठी लिखूं गजल इक तेरे नाम -राजेश त्रिपाठी तेरी हंसी को सुबह लिखूं, और उदासी लिखूं शाम । आज बहुत मन करता है, लिखूं गजल इक तेरे नाम।। जुल्फें ज्यों सावन की घटा, चेहरे में पूनम सी छटा । नीलकंवल से तेरे नयन, मिसरी जैसे मीठे बचन।। गालिब की तुम्...
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Rajesh Tripathi राजेश त्रिपाठी
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[16 Oct 2009 01:02 AM]



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