भर्तृहरि नीति शतक-भक्ति कभी व्यापार की तरह न करें (bhakti aur vyapar-bhartrihari shatak in hindi)

दीपक भारतदीप की हिंदी एक्सप्रेस पत्रिका भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ------------------------------ कि वेदैः स्मृतिभिः पुराणपठनैः शास्त्रेर्महाविस्तजैः स्वर्गग्रामकुटीनिवासफलदैः कर्मक्रियाविभ्रमैः। मुक्त्वैकं भवदुःख भाररचना विध्वंसकालानलं स्वात्मानन्दपदप्रवेशकलनं शेषाः वणिगवृत्तयं:।। हिंदी... [पूरी पोस्ट]
writer दीपक भारतदीप

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[15 Oct 2009 11:43 AM]

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