फिर तो शुरू हो गयी हमारी शरारतें

दिल ये छोटा सा, छोटी सी आशा.... चाँद-तारों को छूने की आशा.... आजकल जयपुर में तकरीबन रोज़ ही बारिश हो रही है. कल दोपहर भी अच्छी बारिश हुई. मुझे तो बहुत पसंद है बारिश देखना. लेकिन कभी कभी ये बहुत गन्दी भी लगती है.….. कहीं घूमने ही नहीं जा सकते बारिश में…… कल भी जब मैं अपने आरामकुर्सी पर बैठ कर बारिश के मज़े ले रह... [पूरी पोस्ट]
writer ●๋• लविज़ा | Laviza ●๋•

खेल-खेल में

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[02 Sep 2009 12:50 PM]

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