दिवाली फ़िर से आई - शुभकामनाये
दिलो - दिमाग पर रहती, हर त्यौहार की छाप है बतलाया गया मुझे चोरी और झूठ तो एक पाप है। सिखलाया करना बड़ो का आदर, रखना प्रेम और भाई चारा, देश प्रेम का पाठ पढाया और बुलंद किया देशभक्ति का नारा। आज दिवाली फ़िर से आई सबके चेहरो पर ख़ुशियाँ लाई, दोस्तों को...
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प्रतिबिम्ब बड़थ्वाल
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[15 Oct 2009 05:33 AM]



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