तदेउष रोज़ेविच की कविताएं

अनूप सेठी रूपांतरण मेरा छोटा बेटा आता है कमरे में और कहता है ' तुम गि द्ध हो तो मैं चूहा ' मैं अपनी किताब फेंकता हूं परे डैने और पंजे उग आते हैं मुझमें उनकी अपशगुनी छाया दीवारों पर दौड़ती है मैं हूं गि द्ध वह है चूहा ' तुम हो भेड़िया मैं हूं बकरा ' मैंने मेज क... [पूरी पोस्ट]
writer anup

कविता अनुवाद

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[15 Oct 2009 03:34 AM]

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