बाढ राहत के लिये पैसों की कमी नहीं....बस घोटालेबाज नहीं मिल रहे...

खबरों की खबर खबर :-अपमान से व्यथित हो रो पडी उडन परी.. नज़र :- गलत हुआ जी बिल्कुल गलत ....अरे अपमान नहीं जी...वो तो देर सवेर होना ही था...जितनी जल्दी हो गया उतना अच्छा......आगे के लिये टेंशन खत्म ....और फ़िर ये तो और भी अच्छा हुआ कि उनके जीते जी उनको ये सम्मान हा... [पूरी पोस्ट]
writer अजय कुमार झा

व्यंग्य

views
6
upvote
0
downvote
0
rating
0
comments
0
[08 Oct 2009 13:21 PM]

Free Vedic Astrology From Astrobix