मेरा कुछ सामान...

मेरा कुछ सामान... क्या क्या न बीता आज मुझपर, आज इन आँखों ने क्या क्या न देखा... इतनी छोटी बातों से टूटा नहीं करते, टूटकर ही सही, दिल ने इतना तो सीखा...... [पूरी पोस्ट]
writer अम्बरीश अम्बुज
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[22 Sep 2009 14:41 PM]

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