तुमसे मांगती मैं अपनी जिंदगी
सुबह से लेकर शाम है
लवों पे तेरा ही नाम है भरता है दिल तेरे लिए आंहें
कोमल मन में सिर्फ तेरी यादें करती हूँ जब तब तेरा इंतजार
लजाती हूँ तुमसे मिलके हरबार पर्वत सा उंचा हो अपना विश्वास
ना तोड़ना वादा तुमसे है आस सेवा में तुम्हारे हाज़िर है ये दिल
प्यार...
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कल्पना भारती
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[12 Oct 2009 06:00 AM]



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