मन नाद दे

मुझे कुछ कहना है नवनीत गुर्जर स्टेट एडिटर दैनिक भास्कर राजस्थान म न भी ब्रह्र। नाद भी ब्रह्म। जो मन से नाद को मिलाए वही मन्ना डे। दरअसल, हवा की तरह संगीत का भी कोई सिरा नहीं होता। शिखर कहीं भी हो सकता है। शुरुआत में भी। आखिर में भी और बीच में भी। मन्ना डे को कुछ इस त... [पूरी पोस्ट]
writer neelima sukhija arora
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[14 Oct 2009 10:55 AM]

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