तन को बेचैन भटकना था, मन में कस्तूरी रहनी थी
डॉ . अशोक कुमार मिश्र मेरठ शहर का घनी आबादी वाला मुहल्ला है ब्रह्मपुरी । दिल्ली रोड के करीब बसे इसी मुहल्ले के मुख्य मार्ग पर है परशुराम हलवाई की दुकान, जिससे सटी गली में है हिंदी काव्य मंच के समर्थ गीतकार भारत भूषण का मकान । गली में घुसने पर जो पहला...
[पूरी पोस्ट]
dr ashok kumar mishra
साहित्यकार
11
0
0
0
0
[10 Oct 2009 14:59 PM]



Shuffle








