एक सुबह कोहरे की
भोपाल में बुधवार की सुबह अदभुत कोहरा छाया था। कोई ५.३० बजे जब वाक पर निकला तो दूर-दूर तक सिवा कोहरे के कुछ दिखाई न देता था। अबा ऐसे में सिवाय रूमानी होने के और किया भी क्या जा सकता था। सो बस निकल पड़ा अपना कैमरा लेकर और अगले डेढ़ घंटे तक जो कुछ करता र...
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raajkumar keswani
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[08 Oct 2009 03:14 AM]



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