जुगनू मियां की दुम जो चमकती है रात को
एक शायर हुए हैं – अशरफ अली खां ‘ फुग़ां ’ . बहुत ही मस्त-मौला किस्म के इंसान थे. चुटकुलेबाज़ी और फिकरेबाज़ी का ऐसा शौक़ था कि उनकी शायरी में भी यही रंग नज़र आते हैं. पैदाइश का तो ठीक पता नहीं लेकिन 1186 में उनकी मृत्यु हुई. मौका मिला तो इन हज़रत के बारे मे...
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raajkumar keswani
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[12 Oct 2009 02:07 AM]



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