ग़ज़ल
ये ग़ज़ल भाई गौतम राजरिशी के अच्छे स्वास्थ्य की कामना, उनकी जिजीविषा, उनके अदम्य हौसले, उनकी अटूट देशभक्ति, उनके निर्मल मन, उनके सच्चे साहित्यकार और प्यारी भतीजी तनया को समर्पित है- ग़ज़ल पांव के छाले या अपना रास्ता देखूं. मुश्किलें देखूं या अपना हौसला द...
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संजीव गौतम
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[06 Oct 2009 23:36 PM]



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