व्यंग्यजल - पास आई दिवाली

virendra jain ke nashtar पास आयी दिवाली वीरेन्द्र जैन घर में उगी है घास पास आई दिवाली सब हो रहे उदास पास आई दिवाली लक्ष्मी की ओर इस प्रकार घूरतीं मिलीं जैसे खड़ी हो सास पास आई दिवाली बत्ती बना के दीये में डालेंगे डिग्रियाँ एम.ए ओ, बीए पास, पास आई दिवाली अपना भी अगर होता तो सी... [पूरी पोस्ट]
writer वीरेन्द्र जैन
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[07 Oct 2009 13:32 PM]

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