तुम्हे मै थोडा ख्वाब देना चाहता हूँ ,

shuruwat तुम्हे मै थोडा ख्वाब देना चाहता हूँ खुशी को तुम में बांध देना चाहता हूँ पलकों में फसं जाये आंसू , सिर्फ मुस्कुराहट हो यह देखना चाहता हूँ , मस्तानी हो चाल जिन्दगी की , पैरो तले आसमान देखना चाहता हूँ , तुम्हे शायद आदत है रो देने की , मै सिर्फ खिलखिलाहट... [पूरी पोस्ट]
writer mere shabd
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[06 Oct 2009 12:45 PM]

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