फूल का कहना सुनो
चित्र- भैया रावेंद्रकुमार रवि ) फूल का कहना सुनो यह कहता कुछ नहीं पर तुम सुन सकते हो सबकुछ । उल्लास, प्रेम, करुणा, दर्द सबकुछ । तुम सुन सकते हो जीवन के हर क्षण रंगों का कण-कण तुम सुन सकते हो सबकुछ । तुम देख सकते हो...
[पूरी पोस्ट]
चंदन कुमार झा
12
0
0
0
0
[07 Oct 2009 11:46 AM]



Shuffle








