रौशनी का महाविस्फोट – महेन्द्र नेह
रौशनी का महाविस्फोट – महेन्द्र नेह
( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhata)
शब्दों के कुछ समूह हमारी चेतना पर अचानक एक हथौडे़ की तरह पड़ते हैं, और हमें बुरी तरह झिंझोड़ डालते हैं. दरअसल हथौडे़ की तरह पड़ने और बुरी तरह झिंझोड़ डालने वाली उपमाओ...
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रवि कुमार, रावतभाटा
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[09 Oct 2009 13:30 PM]



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