जन्मदिन मुबारक हो
११ अक्टूबर १९७५ का दिन है। हवा में चंदन की खुश्बू है , उपवन में फूल झूम रहे हैं। ऐसा लगता है जैसे पूरी प्रकृति उत्सव मना रही हो। अभी - अभी एक बालक का जन्म हुआ है। घर में सभी आनंदित हैं , बधाईयों का तांता लगा है। आंगन से सोहर की आवाज आती है ( साभार :...
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रविकांत पाण्डेय
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[11 Oct 2009 00:49 AM]



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