‘सन्नाटे में रोशनी ’ बोती कविताएँ
हर मनुष्य को एक तरह का नशा होता है - अंधकार के गरजते महासागर की चुनौती को स्वीकार करने का, पर्वताकार लहरों से खाली हाथ जूझने का, अनमापी गहराइयों में उतरते जाने का और फिर अपने को सारे खतरों में डालकर आस्था के, प्रकाश के, सत्य के, मर्यादा के कुछ कणों क...
[पूरी पोस्ट]
गुर्रमकोंडा नीरजा
13
0
0
0
0
[06 Oct 2009 11:39 AM]



Shuffle








