मेरी बच्ची
नन्ही मुन्नी प्यारी बच्ची , सीधी सादी,सुंदर सच्ची , बातें करती बड़ी बड़ी , शैतानी करती कड़ी कड़ी ,बचपन के सपनों में खोई , जैसे सुबह दूध की धोई , बातें हैं दादी जैसी , सबकी ऐसी या तैसी , रोने पर जब आ जाती , सबके ऊपर छा जाती , करती जब शैतानी वो ,...
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डॉ.भूपेन्द्र कुमार सिंह
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[12 Oct 2009 23:39 PM]



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