एक प्रौढ़ लड़की
रिसता है कुछ दिल से आँखों के रास्ते मन के ज़ख्मों के टाँके टूट गये हैं शायद, बड़ी मुश्किल से सुखाती हूँ इन्हें फिर कोई पूछ ही लेता है घर के बारे में माँ-पिता के बारे में अजूबा सा लगता होगा एक प्रौढ़ लड़की बिना अभिभावक के अकेले कैसे काटती है ज़िंदगी,...
[पूरी पोस्ट]
mukti
15
0
0
0
0
[06 Oct 2009 16:09 PM]



Shuffle








