जहां सुमति तहं संपति नाना

अनौपचारिक एक बार किसी गांव में रामचरिमानस पाठ का आयोजन किया गया । जोर - शोर से लय में उतार - चढाव के साथ रामायण गायी गयी । सभी संबंधित भगवान जी लोगों की जै और भक्त समाज की जै जयकार करने के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ । बातचीत के दौरान एक पन्डित जी भाव विभोर होकर... [पूरी पोस्ट]
writer अर्कजेश
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[13 Oct 2009 01:27 AM]

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